स्वरा भास्कर के बयान पर भड़का विरोध, प्रदर्शनकारियों ने की माफी की मांग
मुंबई:फिल्म 'पद्मावत' में जौहर के दृश्य को लेकर अभिनेत्री स्वरा भास्कर द्वारा दिए गए बयान पर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं और अभिनेत्री की सफाई के बाद अब यह मामला सड़कों पर पहुंच गया है। आगरा में एक दक्षिणपंथी संगठन के कार्यकर्ताओं ने स्वरा भास्कर के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करते हुए उनके पोस्टर जलाए और पैरों तले रौंदे।
'योगी यूथ ब्रिगेड' का विरोध-प्रदर्शन और विवादित घोषणा
मंगलवार को 'योगी यूथ ब्रिगेड' के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर अजय तोमर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने रानी पद्मावती और राजपूत वीरांगनाओं के ऐतिहासिक बलिदान पर सवाल उठाने के लिए अभिनेत्री की कड़ी निंदा की और आरोप लगाया कि उन्हें उस कालखंड की परिस्थितियों और बलिदान की महत्ता का भान नहीं है। विरोध के दौरान संगठन के पदाधिकारी ने अभिनेत्री के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करते हुए विवादित इनाम की घोषणा तक कर दी।
जौहर के चित्रण पर उठाए थे सवाल, बाद में दी सफाई
विवाद की शुरुआत 31 अगस्त को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम से हुई थी, जहां स्वरा भास्कर ने फिल्म के क्लाइमेक्स में दिखाए गए जौहर के दृश्य पर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने तर्क दिया था कि जौहर जैसे कृत्य को सम्मान का प्रतीक बनाकर पेश करने से समाज में यह संदेश जा सकता है कि स्त्री की देह की 'पवित्रता' उसके जीवन से अधिक महत्वपूर्ण है। हालांकि, विवाद बढ़ने पर अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य वीरांगनाओं के साहस को कम आंकना नहीं था, बल्कि वे आधुनिक सिनेमा द्वारा इस तरह के दृश्यों के महिमामंडन और दुष्कर्म पीड़िताओं के दृष्टिकोण पर चिंता व्यक्त कर रही थीं।
सोशल मीडिया पर तकरार और पटकथा लेखक का पक्ष
इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी बहस छिड़ गई, जिसमें शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी और स्वरा भास्कर के बीच विचारों का टकराव देखने को मिला। वहीं, फिल्म 'पद्मावत' के पटकथा लेखक प्रकाश कपाड़िया ने फिल्म के दृश्य का बचाव करते हुए कहा कि पटकथा ऐतिहासिक शोध और दस्तावेजों के आधार पर तैयार की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय की परिस्थितियां 'करो या मरो' की थीं और इतिहास की उस कड़वी सच्चाई को बदला नहीं जा सकता।
विवादों के बावजूद ब्लॉकबस्टर रही थी 'पद्मावत'
उल्लेखनीय है कि निर्देशक संजय लीला भंसाली की यह फिल्म अपनी रिलीज के समय भी भारी विरोध और विवादों का केंद्र रही थी। देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद फिल्म का शीर्षक 'पद्मावती' से बदलकर 'पद्मावत' किया गया था। तमाम अड़चनों और आपत्तियों के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक रूप से सफल रही और इसने वैश्विक स्तर पर 585 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया था।


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