कैग्नेस-सुर-मेर: फ्रांस के कैग्नेस-सुर-मेर शहर स्थित रेनॉयर म्यूजियम में शातिर चोरों ने सेंध लगाकर मशहूर फ्रांसीसी इंप्रेशनिस्ट मास्टर ऑगस्टे रेनॉयर की चार अमूल्य कलाकृतियां चुरा लीं। भागदौड़ के दौरान चोर दो पेंटिंग्स—'पोर्ट्रेट ऑफ मैडम कोलोना रोमानो' और 'यंग वुमन एट द वेल'—बगीचे में ही छोड़कर फरार हो गए। संग्रहालय में कुल 12 कलाकृतियां मौजूद थीं। पुलिस संदिग्धों की तलाश में जुटी है। इस घटना के परिपेक्ष्य में आइए नजर डालते हैं दुनिया की कुछ सबसे चर्चित और ऐतिहासिक कला चोरियों पर:

इटली के मैग्नानी रोक्का फाउंडेशन से तीन दिग्गजों की पेंटिंग चोरी व बरामदगी

उत्तरी इटली के पार्मा शहर के पास स्थित मैग्नानी रोक्का फाउंडेशन म्यूजियम से चोरों ने ऑगस्टे रेनॉयर की 'फिश', पॉल सेजान की 'स्टिल लाइफ विद चेरीज' और हेनरी मैटिस की 'ओडालिस्क ऑन द टेरेस' चुरा ली थी। भले ही ये कलाकृतियां आकार में छोटी थीं, लेकिन इनकी कीमत लाखों यूरो में थी। कुछ ही महीनों बाद इटली की पुलिस बल (कैराबिनियरी आर्ट रिकवरी स्क्वाड) ने तीनों कलाकृतियों को सकुशल बरामद कर संगठित अपराध गिरोह के पांच सदस्यों को धर दबोचा।

पेरिस के लूव्र म्यूजियम में दिनदहाड़े नेपोलियन काल के शाही आभूषणों पर हाथ साफ

पेरिस के प्रसिद्ध लूव्र म्यूजियम में दिनदहाड़े हुई एक दुस्साहसिक वारदात में चोरों ने बास्केट लिफ्ट के जरिए बाहरी दीवार तक पहुंच बनाकर कांच के डिस्प्ले केस तोड़ दिए। महज कुछ मिनटों में सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट के परिवार से जुड़े 88 मिलियन यूरो (102 मिलियन डॉलर) मूल्य के 9 शाही गहने ले उड़े। हालांकि चार चोरों को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन अधिकांश गहने बरामद नहीं हो सके; केवल महारानी यूजीनी का क्षतिग्रस्त ताज ही बाहर मिला था।

1911 में 'मोना लिसा' की चोरी ने दिलाई पेंटिंग को विश्वव्यापी ख्याति

लूव्र म्यूजियम से जुड़ी सबसे मशहूर घटना 1911 की है, जब म्यूजियम के पूर्व कर्मचारी विन्सेन्ज़ो पेरुगिया ने लियोनार्डो दा विंची की 'मोना लिसा' पेंटिंग को अपने कोट में छिपाकर चुरा लिया था। दो साल बाद जब यह पेंटिंग इटली के फ्लोरेंस में बरामद हुई, तब तक इस घटना ने 'मोना लिसा' को दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित और बहुचर्चित पेंटिंग बना दिया था।

बोस्टन म्यूजियम की 50 करोड़ डॉलर की कला चोरी आज भी अनसुलझी

18 मार्च 1990 को अमेरिका के बोस्टन स्थित इसाबेला स्टीवर्ट गार्डनर म्यूजियम में पुलिस अधिकारियों के वेश में आए दो चोरों ने गार्ड्स को बंधक बनाकर 81 मिनट में 13 अमूल्य कलाकृतियां चुरा लीं। इनमें रेम्ब्रांट और वर्मीर जैसे महान चित्रकारों की कृतियां शामिल थीं। 35 वर्षों बाद भी लगभग आधा अरब डॉलर मूल्य की इन कलाकृतियों का कोई सुराग नहीं मिल सका है और संग्रहालय में उनके खाली फ्रेम आज भी लटके हैं।

बर्लिन से 100 किलो का सोने का सिक्का और ग्रीन वॉल्ट से शाही जेवरात चोरी

2017 में जर्मनी के बर्लिन स्थित बोड म्यूजियम से चोरों ने 'बिग मेपल लीफ' नामक 100 किलोग्राम वजनी ठोस सोने का कनाडाई सिक्का (कीमत करीब 3.75 मिलियन यूरो) चुरा लिया, जिसके बाद में टुकड़े कर बेचे जाने की बात सामने आई। वहीं, 2019 में ड्रेसडेन के 'ग्रीन वॉल्ट' से 18वीं सदी के हीरों से जड़े करोड़ों यूरो के तीन शाही सेट चुरा लिए गए, जिनमें से बाद में कुछ हिस्सा बरामद कर आरोपियों को सजा सुनाई गई।