नई दिल्ली: दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में मतदाता सूची में नाम शामिल करने की प्रक्रिया को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के नए वोटर रजिस्ट्रेशन को लेकर 'आप' नेताओं ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राघव चड्ढा ने सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है और स्पष्ट किया है कि उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के समस्त नियमों का पूर्णतः पालन किया है।

विरोधी नेताओं के सपनों में आता हूँ: राघव चड्ढा का तंज

राघव चड्ढा ने पूर्व पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी परिवर्तन के बाद से ही उन्हें सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि वे विरोधी नेताओं के सपनों में आ रहे हैं, जो दिन-रात केवल उन पर हमला करने की योजना बनाते रहते हैं। चड्ढा ने साफ किया कि उन्होंने प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए ही पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि विरोधी दल मतदाता सूची को अपने निजी सदस्यता रजिस्टर की भांति समझ रहे हैं।

बैकडोर एंट्री का आरोप: आम आदमी पार्टी ने प्रक्रिया पर उठाए सवाल

दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने इस मामले में सीधे निर्वाचन आयोग की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। उनका दावा है कि 31 अगस्त को जारी हुई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में राजिंदर नगर (AC-39) क्षेत्र में कुल 746 मतदाता दर्ज थे। इसके उपरांत राघव चड्ढा का नाम 747वें क्रमांक पर किस प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया, इस पर स्थानीय चुनाव निकाय स्पष्ट उत्तर नहीं दे पा रहा है। 'आप' ने आरोप लगाया कि यह प्रविष्टि नियमानुसार न होकर चोर दरवाजे से की गई है।

निर्वाचन आयोग की सफाई: नियमों के तहत ही स्वीकृत होते हैं आवेदन

विवाद बढ़ता देख दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने आधिकारिक बयान जारी कर प्रशासनिक स्थिति स्पष्ट की है। आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, मतदाता सूची में किसी भी नागरिक का नाम जोड़ने, निरस्त करने अथवा संशोधन की पूरी प्रक्रिया लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 तथा निर्वाचक पंजीकरण नियम 1960 के तहत ही संचालित होती है। इसके लिए निर्धारित फॉर्म 6, 7 और 8 के माध्यम से आवेदन लिए जाते हैं, जिन पर निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) नियमों के दायरे में रहकर ही स्वीकृति प्रदान करते हैं।