नई दिल्ली: सत्य निकेतन क्षेत्र में बहुमंजिला इमारत ध्वस्त होने के बाद उसके बगल में स्थित क्षतिग्रस्त भवन पर भी बुलडोजर चलाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। दिल्ली नगर निगम (MCD) बुधवार को इस बेहद खतरनाक घोषित की जा चुकी इमारत को गिराने की दंडात्मक कार्रवाई करेगा। एमसीडी द्वारा सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए इमारत को पूरी तरह खाली करा लिया गया है और उसमें संचालित पीजी (Paying Guest) में रह रहे छात्र-छात्राओं का सामान सुरक्षित बाहर निकालकर उन्हें सौंप दिया गया है। निगम का अमला दलबल के साथ मौके पर तैनात है।

सुरक्षा के मद्देनजर खाली कराई गई पड़ौसी इमारत, अंतिम निरीक्षण जारी

हादसे के उपरांत किए गए तकनीकी निरीक्षण में पाया गया कि बगल की इमारत गिरने के कारण पड़ोसी भवन के पिलर व दीवारें भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। जन-धन की हानि से बचाव के लिए एमसीडी ने इस ढांचे को अति-संवेदनशील व जर्जर घोषित कर तीन दिन के भीतर ध्वस्त करने के प्रशासनिक आदेश जारी किए थे। निगम अधिकारियों के अनुसार, बुलडोजर चलाने से ठीक पहले एक बार फिर पूरे परिसर की गहन जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि अंदर किसी का कोई सामान न बचा हो।

दिल्लीभर के 29 पीजी भवनों में मिलीं खामियां, सैकड़ों छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल

सत्य निकेतन की दुर्घटना के बाद नींद से जागे नगर निगम ने संपूर्ण दिल्ली में संचालित पीजी भवनों का सघन सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। प्रारंभिक सर्वे रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 29 पीजी भवनों में आंशिक सुधार तथा 6 भवनों में भारी संरचनात्मक मरम्मत की तत्काल आवश्यकता है। जिन 6 भवनों को अत्यधिक जर्जर पाया गया है, उनमें लगभग 92 नागरिक रह रहे हैं, जबकि मामूली मरम्मत वाले भवनों में करीब 424 छात्र निवास कर रहे हैं। इस जांच ने दिल्ली में रह रहे सैकड़ों छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

जोनवार सर्वे रिपोर्ट: केशवपुरम और सिविल लाइंस में सबसे अधिक अनियमितताएं

विभिन्न जोनों के आंकड़ों के अनुसार, सिविल लाइंस जोन में सबसे अधिक 450 पंजीकृत पीजी हैं, जिनमें से 8 भवनों में मरम्मत की आवश्यकता पाई गई है। केशवपुरम जोन के 285 पीजी भवनों की जांच में 5 इमारतें बेहद जर्जर और 10 मामूली रूप से क्षतिग्रस्त पाई गईं; गंभीर मरम्मत की आवश्यकता वाले भवनों की संख्या में केशवपुरम सबसे आगे है। वहीं दक्षिण जोन (जिसमें सत्य निकेतन आता है) के 47 पीजी में से एक भवन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त मिला, जिसमें करीब 56 लोग रह रहे हैं। इसके अलावा पश्चिम, नरेला और शाहदरा जोनों में भी कई पीजी असुरक्षित पाए गए हैं, जबकि करोल बाग इलाके में सर्वे का काम अभी जारी है।

जर्जर और अनधिकृत संरचनाओं पर सीलिंग व ध्वस्तीकरण के कड़े आदेश

सत्य निकेतन की घटना से सबक लेते हुए एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने सभी जोनल उपायुक्तों (DC) को अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चलाकर खतरनाक भवनों को चिन्हित करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने आदेश दिया है कि जो इमारतें मानव जीवन के लिए सीधा खतरा बन चुकी हैं, उन्हें तत्काल सील या ध्वस्त किया जाए। साथ ही, बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर किए गए अवैध निर्माणों पर भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।