जयपुर। में बीजेपी द्वारा नगर निगम प्रत्याशियों के नाम जारी किए जाने के बाद कांग्रेस खेमे में हलचल तेज हो गई है। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन है, लेकिन राजधानी में टिकट वितरण को लेकर पार्टी के भीतर जबरदस्त घमासान मचा हुआ है। रविवार को करीब दो घंटे चली मैराथन बैठक के बाद भी 150 वार्डों में से आधे से ज्यादा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय नहीं हो पाए, जिससे संगठन की आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है।

वॉर रूम में लंबी बैठक, फिर भी नहीं निकला नतीजा

रविवार शाम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जयपुर। कांग्रेस प्रभारी रोहित बोहरा, विधायक अमीन कागजी, रफीक खान, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा के साथ वॉर रूम में अहम चर्चा की। दिग्गज नेताओं की मौजूदगी के बावजूद कई विधानसभा क्षेत्रों में टिकटों को लेकर सहमति नहीं बन सकी। अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, अलग-अलग गुट अपने समर्थकों को टिकट दिलाने पर अड़े हुए हैं, जिसके कारण अंतिम फैसले में देरी हो रही है।

कुछ इलाकों में बनी सहमति, तो कहीं अब भी पेंच बरकरार

जयपुर। के आदर्श नगर, सिविल लाइंस और किशनपोल विधानसभा क्षेत्रों में नामों पर रजामंदी हो चुकी है, लेकिन सांगानेर, बगरू, मालवीय नगर, हवा महल और विद्याधर नगर में टिकट के लिए खींचतान जारी है। यह स्थिति बताती है कि स्थानीय दावेदारों के दबाव और आपसी गुटबाजी के चलते पार्टी नेतृत्व फैसले लेने में असहज नजर आ रहा है।

रणनीतिक इंतजार या अंदरूनी कलह का पर्दाफाश?

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने पार्टी की रणनीति पर बात करते हुए कहा कि कांग्रेस अभी अपने पत्ते नहीं खोलना चाहती है। पार्टी विरोधी दल के प्रत्याशियों के नामों का इंतजार कर रही है, ताकि उनकी सूची सामने आने के बाद वार्ड के समीकरणों को समझकर सही उम्मीदवार उतारे जा सकें। जरूरत पड़ने पर नामांकन के अंतिम समय तक भी उम्मीदवारों के नामों में बदलाव किया जा सकता है।

1300 से ज्यादा आवेदन और बगावत का खतरा

150 वार्डों के लिए 1300 से अधिक आवेदन आना भले ही विधायक अमीन कागजी के अनुसार कार्यकर्ताओं के जोश को दर्शाता हो, लेकिन राजनीतिक हलकों में यह आंकड़ा टिकट की होड़ और बढ़ते असंतोष का संकेत माना जा रहा है। इतने सारे दावेदारों में से सही चयन न होने पर टिकट वितरण के बाद बड़ी संख्या में बागियों और नाराज कार्यकर्ताओं का विरोध सामने आना तय माना जा रहा है, जो चुनाव के वक्त पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। वहीं, जयपुर। शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा का दावा है कि पार्टी में टिकटों को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण प्रक्रिया में थोड़ा समय लग रहा है।