पुराने सिक्के बेचने का झांसा, 5 लाख की ठगी; STF को आरोपियों से चौंकाने वाला सामान मिला
वाराणसी। प्रतिबंधित वन्यजीवों के अंगों की अवैध तस्करी के जाल में फंसाकर लोगों को ठगने वाले एक शातिर गिरोह का एसटीएफ और वन विभाग की संयुक्त टीम ने भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान शहडोल (मध्य प्रदेश) निवासी प्रभात चतुर्वेदी, कैंपियरगंज गोरखपुर के गिरधारी मौर्या और मुंडेरवा बस्ती निवासी संजीव कुमार सिंह को सारनाथ थाना क्षेत्र स्थित फरीदपुर के स्वास्तिक होम स्टे से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को आरोपियों के पास से मॉनिटर लिजर्ड के 14 अंग, बाघ (टाइगर) के दो नाखून, 1.58 लाख रुपये नकद, वन विभाग के अधिकारी के दो फर्जी आईडी कार्ड और चार मोबाइल फोन मिले हैं।
सूचना देने के बहाने रचते थे साजिश
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि गिरोह का असली मकसद पहले पुराने सिक्कों का झांसा देकर लोगों से मोटी रकम ऐंठना था और फिर उन्हें वन्यजीव तस्करी के फर्जी मामले में फंसा देना था। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) से इनपुट मिला था कि प्रभात चतुर्वेदी वाराणसी में मॉनिटर लिजर्ड के अंग और बाघ के नाखून बेचने की सूचना दे रहा है और कथित तस्करों को रंगे हाथ पकड़वाने का दावा कर रहा है। इसके बाद निरीक्षक अनिल कुमार सिंह की अगुवाई में टीम ने वन विभाग के साथ मिलकर पड़ताल शुरू की।
फरीदपुर अंडरपास के पास प्रभात के मिलने के बाद उसकी निशानदेही पर होम स्टे के कमरे से वन्यजीवों के अंग बरामद हुए। हालांकि, जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो मामला संदिग्ध लगा और पूरे षड्यंत्र का खुलासा हो गया। एसटीएफ के मुताबिक, इस गिरोह में गिरफ्तार तीनों आरोपियों के अलावा गाजीपुर निवासी दीनानाथ यादव तथा बिहार के रहने वाले दीपक और संतोष भी शामिल हैं।
झांसा देकर ऐंठे 5 लाख रुपये
यह गिरोह सबसे पहले नकली पुराने सिक्के तैयार करता था। इसके बाद ऐसे लोगों को निशाना बनाता था, जिन्हें यह लालच दिया जा सके कि इन सिक्कों को खरीदने पर उनका पैसा तुरंत दोगुना हो जाएगा। इसी चक्रव्यूह में चोलापुर क्षेत्र के मोहनदासपुर निवासी नीरज कुमार मौर्या फंस गया।
नीरज अपने परिचित अभिषेक दूबे से 5 लाख रुपये उधार लेकर गिरोह के सदस्यों से मिलने पहुँचा। योजना के तहत दीनानाथ और दीपक रुपये से भरा बैग लेकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद गिरोह ने खुद ही एसटीएफ और वन विभाग को फर्जी सूचना देकर छापेमारी करवा दी, ताकि नीरज को वन्यजीवों की तस्करी में फंसाया जा सके और वह अपने पैसे न मांग सके।
पूछताछ में खुला पूरा राज
टीम को पूरी कहानी पर शक हुआ तो उन्होंने जब गहराई से पूछताछ की तो सच्चाई सामने आ गई। प्रभात के पास से उसके हिस्से के 1.58 लाख रुपये बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस अब गिरोह के बाकी फरार साथियों की तलाश कर रही है। थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।


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