भोपाल में नकली पुलिस गैंग का खुलासा, चेकिंग के बहाने लोगों से ऐंठ रहे थे पैसे
भोपाल| मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस की वर्दी और रोब का धौंस दिखाकर आम नागरिकों व राहगीरों को गुमराह करने वाले दो फर्जी युवकों को पुलिस ने धर दबोचा है। ये दोनों आरोपी वाहन चेकिंग के नाम पर सीधे-साधे लोगों से अवैध वसूली करने का घिनौना काम करते थे। ये शातिर युवक 'पुलिस' लिखी हुई गाड़ी का इस्तेमाल करते थे और सिविल ड्रेस में बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले चालकों का पीछा करके उन्हें कानूनी कार्रवाई और भारी-भरकम चालान का डर दिखाकर रुपए ऐंठा करते थे।
संदिग्ध हरकतों के चलते स्थानीय लोगों ने दबोचा
जो भी राहगीर इनके बहकावे में आकर नहीं रुकता था, उसे डराने के लिए ये आरोपी नकली रिवाल्वर या पिस्टल का खुलकर इस्तेमाल करते थे। भोपाल के शाहपुरा इलाके के निवासियों को इन दोनों युवकों की गतिविधियां और तौर-तरीके बेहद संदिग्ध लगे, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए इन्हें घेरकर कड़ाई से पूछताछ की और तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दे दी। मौके पर पहुँची स्थानीय पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों युवकों को अपनी हिरासत में ले लिया।
अमान खान और कार्तिकेय मिश्रा के रूप में हुई आरोपियों की पहचान
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अमान खान और कार्तिकेय मिश्रा के रूप में हुई है, जो वर्तमान में भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। जब पुलिस ने दोनों की तलाशी ली, तो आरोपी अमान खान के पास से एक नकली पिस्टल (खिलौने जैसी दिखने वाली फर्जी पिस्तौल) बरामद हुई।
शाहपुरा इलाके के लोगों को हुआ था शक
शाहपुरा क्षेत्र के लोगों को जब इन दोनों की संदिग्ध हरकतों पर शक हुआ, तो उन्होंने इन्हें रोककर पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ के दौरान पहले तो वे खुद को कोहेफिजा थाने का कर्मचारी बताने लगे, लेकिन जब लोगों ने उनसे उनका आधिकारिक पुलिस पहचान पत्र दिखाने की मांग की, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुँची, तो आरोपी अपनी सफाई में यह बहाने बनाने लगे कि वे केवल 'प्रैंक' (मजाक) कर रहे थे, जिसे पुलिस ने उनके इस बेतुके दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया।
पढ़ाई और पेशेवर बैकग्राउंड का हुआ खुलासा
पुलिस की विस्तृत जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि रीवा जिले का रहने वाला आरोपी कार्तिकेय मिश्रा बीए-एलएलबी (BA.LLB) का छात्र है और उसके पिता एक शासकीय स्कूल में प्राचार्य के पद पर कार्यरत हैं। वहीं, दूसरा आरोपी अमान खान मूल रूप से दमोह का रहने वाला है और वर्तमान में एक आईटी कंपनी में एचआर (HR) के पद पर कार्यरत है।
फिलहाल, पुलिस दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी अमान पर पहले से भी मारपीट का एक आपराधिक मामला दर्ज है, और पुलिस दोनों के पुराने आपराधिक इतिहास का पूरा रिकॉर्ड खंगालने में जुटी हुई है।


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