जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के एक जाने-माने शिक्षण संस्थान सुबोध स्कूल में शुक्रवार की सुबह अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। सुबह करीब 8 बजकर 50 मिनट पर स्कूल के बेसमेंट में खड़ी एक इलेक्ट्रिक स्कूटी (ईवी) में अचानक शॉर्ट सर्किट के कारण आग सुलग उठी। गनीमत यह रही कि घटना के समय ऊपर की कक्षाओं में बच्चे अपनी पढ़ाई में व्यस्त थे और बेसमेंट की पार्किंग में सैकड़ों वाहन खड़े होने के बावजूद समय रहते स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे किसी भी बड़े जान-माल के नुकसान की आशंका टल गई।

तीन ईवी वाहनों तक फैली आग, सतर्क गार्ड की सूझबूझ से टला बड़ा संकट

घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे सुरक्षा गार्ड ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए त्वरित सूझबूझ का परिचय दिया। गार्ड ने बताया कि जब वह बेसमेंट में पहुंचे तो वहां चारों तरफ घना धुआं फैला हुआ था और तीन ईवी वाहन आग की चपेट में आ चुके थे। पास ही में पेट्रोल से चलने वाली एक एक्टिवा गाड़ी भी खड़ी थी, जिसे गार्ड ने तुरंत सुरक्षित स्थान पर हटाया, ताकि यदि आग वहां तक पहुंचती तो पेट्रोल टैंक फटने से एक भयंकर विस्फोट हो सकता था। इसके साथ ही बेसमेंट में लगा स्वचालित फायर सिस्टम भी सक्रिय हो गया, जिससे आग को विक्राल रूप लेने से रोकने में बड़ी मदद मिली।

दमकल की गाड़ियों ने संभाला मोर्चा, बीस से पच्चीस मिनट में पाया काबू

आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और स्थानीय पुलिस प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आ गईं और बिना किसी देरी के मौके पर पहुंच गईं। फायर ऑफिसर सीता ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें सुबह ठीक 8:50 बजे आग की इस दुर्घटना की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके बाद दमकल वाहन तुरंत रवाना किए गए। बेसमेंट में अत्यधिक धुआं होने के बावजूद दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए करीब 20 से 25 मिनट के भीतर ही आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया और स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित कर दिया।

प्रशासन और स्कूल प्रबंधन ने ली राहत की सांस, सुरक्षा इंतजामों की हो रही समीक्षा

इस घटना के टल जाने के बाद स्कूल प्रशासन, अभिभावकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ी राहत की सांस ली है। इस अप्रिय घटना के बाद अब शिक्षण संस्थानों और बड़े परिसरों में पार्किंग तथा बेसमेंट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सिरे से समीक्षा शुरू कर दी गई है। स्कूल परिसरों में खड़े होने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग और उनकी पार्किंग को लेकर भी विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की किसी भी संभावित दुर्घटना से पूरी तरह बचा जा सके।