जयपुर: राजस्थान आने वाले आगामी कुछ वर्षों के दौरान कुल 6,280 मेगावाट परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता के साथ देश का एक प्रमुख न्यूक्लियर पावर हब बनने की ओर तेजी से अग्रसर है, जिसकी आधिकारिक जानकारी केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से साझा की गई है।

प्रदेश में संचालित और निर्माणाधीन परमाणु रिएक्टर

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा संसद में दी गई जानकारी के अनुसार राज्य में रावतभाटा और बांसवाड़ा समेत विभिन्न क्षेत्रों में संचालित, निर्माणाधीन और प्रस्तावित परियोजनाओं के कुल 10 परमाणु रिएक्टर अलग-अलग चरणों में काम कर रहे हैं, जिससे राज्य की ऊर्जा क्षमता में भारी इजाफा होगा।

स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी

एनपीसीआईएल द्वारा परियोजना क्षेत्रों के 30 किलोमीटर के दायरे में करवाए गए सामाजिक-आर्थिक अध्ययन के मुताबिक, इन न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स के आने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में सुधार देखा गया है।

शांति एक्ट 2025 से स्थानीय उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

केंद्र सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भले ही फिलहाल कोई अलग विशेष कार्ययोजना नहीं बनाई गई हो, लेकिन आगामी समय में 'शांति एक्ट 2025' के नियमों के पूरी तरह लागू होने के बाद स्थानीय एमएसएमई और शैक्षणिक संस्थानों को परमाणु कार्यक्रमों से जुड़ने के नए अवसर मिलेंगे।