सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही देशभर में कांवड़ यात्रा 2026 का आगाज हो चुका है। लाखों शिवभक्त लंबी दूरी पैदल तय करके पवित्र गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। इस दौरान लगातार कई दिनों तक पैदल चलना पैरों पर सबसे अधिक दबाव डालता है। यदि यात्रा से पहले पैरों को सही ढंग से तैयार न किया जाए, तो छाले, सूजन, एड़ी में दर्द और मांसपेशियों में खिंचाव जैसी समस्याएं सफर को कठिन बना सकती हैं। इसलिए यात्रा पर निकलने से पहले पैरों की फिटनेस पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

पैरों की स्ट्रेचिंग करें

यदि आप जल्द ही यात्रा पर जाने वाले हैं, तो अभी से रोजाना सुबह और शाम 5 से 10 मिनट तक पैरों की स्ट्रेचिंग करने की आदत डालें। एंकल रोटेशन, टो स्ट्रेच और काफ स्ट्रेच जैसे आसान व्यायाम पैरों की मांसपेशियों को लचीला बनाते हैं और लंबे समय तक चलने के दौरान अकड़न व दर्द की संभावना को कम करते हैं।

पैरों की त्वचा और नाखूनों का रखें ध्यान

लंबी पदयात्रा से पहले पैरों की त्वचा का स्वस्थ होना आवश्यक है। यदि एड़ियां फटी हैं या त्वचा रूखी है, तो नियमित रूप से मॉइस्चराइजर या फुट क्रीम लगाएं। इसके अलावा, पैरों के नाखून छोटे और साफ रखें, क्योंकि बढ़े हुए नाखून चलते समय चोट या दर्द का कारण बन सकते हैं।

छालों से बचाव के उपाय

कांवड़ यात्रा के दौरान सबसे आम परेशानी पैरों में छाले पड़ना है। इससे बचने के लिए ऐसे मोजे पहनें जो पसीना सोखकर पैरों को सूखा रखें। यदि पुराने अनुभवों में छाले पड़ते रहे हैं, तो एंटी-ब्लिस्टर टेप या फुट पैड का इस्तेमाल करें। यात्रा के दौरान मोजे गीले होने पर उन्हें तुरंत बदल लें।

पैरों की मालिश करें

दिनभर की थकान के बाद पैरों को आराम देना बेहद जरूरी है। रात में हल्के गुनगुने सरसों, नारियल या तिल के तेल से 10 से 15 मिनट तक पैरों की मालिश करें। इससे रक्त संचार बेहतर होता है, मांसपेशियों का तनाव घटता है और अगले दिन के लिए पैरों को ऊर्जा मिलती है।

शरीर को हाइड्रेट रखें

लंबे सफर में पैदल चलने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इसलिए नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें तथा नींबू पानी, ओआरएस या इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक का सेवन करें। पर्याप्त हाइड्रेशन से मांसपेशियों में ऐंठन और कमजोरी जैसी समस्याओं से बचाव होता है।

जरूरत का सामान साथ रखें

यात्रा के दौरान किसी भी चिकित्सीय जरूरत से निपटने के लिए अपना बैग पहले से तैयार रखें। फर्स्ट एड किट, बैंडेज, एंटीसेप्टिक क्रीम, दर्द निवारक स्प्रे, अतिरिक्त मोजे और आरामदायक जूते हमेशा अपने पास रखें।

अपने शरीर की सुनें

चलते समय यदि पैरों में तेज दर्द, सूजन या छाले महसूस हों, तो जबरदस्ती आगे बढ़ने के बजाय कुछ देर विश्राम करें। दर्द को नजरअंदाज करने से समस्या बढ़ सकती है। समय-समय पर आराम करने से शरीर को रिकवरी का मौका मिलता है और यात्रा सुरक्षित रहती है।