छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी कार्रवाई, अनियमितताओं के चलते मेसर्स पान सीड्स का लाइसेंस रद्द
धमतरी| छत्तीसगढ़ कृषि विभाग द्वारा बीज व्यापार और कारोबार में पाई गई गंभीर अनियमितताओं के मद्देनजर मेसर्स पान सीड्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एक बहुत बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई है। संचालनालय कृषि ने इस कंपनी का राज्य स्तरीय बीज विक्रय लाइसेंस (अनुज्ञा) तत्काल प्रभाव से पूरी तरह से निरस्त कर दिया है। यह दंडात्मक कार्रवाई धमतरी जिले के कुरुद विकासखंड स्थित कंपनी के परिसर में राज्य एवं जिला स्तरीय संयुक्त निरीक्षण दल द्वारा प्रस्तुत की गई विस्तृत जाँच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
जाँच के दौरान सामने आईं कई गंभीर और बड़ी गड़बड़ियाँ
गत 4 जुलाई 2026 को निरीक्षण दल ने कंपनी के गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग इकाई और भंडारण व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया था। जाँच के दौरान गोदाम में भारी मात्रा में ऐसी धान की किस्में भंडारित पाई गईं, जिनका विवरण और अनुमति कंपनी को जारी किए गए आधिकारिक लाइसेंस में शामिल ही नहीं थी। निरीक्षण में PAN 809, IET 4786 और PAN 816 GANGA RED जैसी विभिन्न किस्मों की कुल 4,982 बोरियां गोदाम में रखी हुई मिलीं, जबकि इन किस्मों के भंडारण, रखरखाव और व्यावसायिक बिक्री करने का कोई वैध अधिकार कंपनी के पास नहीं था।
बिना अनुमति के पैकेजिंग सामग्री और अवैध बिक्री का खुलासा
जाँच टीम को गोदाम की तलाशी के दौरान PAN 402, PAN 403 और PAN 802 जैसी किस्मों की पैकिंग सामग्री भी भारी मात्रा में बरामद हुई, जबकि इन किस्मों के लिए भी कंपनी को कोई अधिकृत अनुमति नहीं दी गई थी। इसके अतिरिक्त, कंपनी के बिक्री बिलों (इनवॉइस रिकॉर्ड) की जब गहराई से जाँच की गई, तो यह तथ्य सामने आया कि कंपनी ने PAN 5001, ADV 2223, PAN 847, PAN 401 और PAN 1001 सहित कई ऐसी अन्य प्रतिबंधित किस्मों के बीजों का भी खुलेआम व्यापार किया था जो उसके राज्य स्तरीय बीज विक्रय लाइसेंस में दर्ज तक नहीं थीं।
1.84 लाख किलोग्राम से अधिक बीजों की अवैध बिक्री का मामला
जाँच के दौरान जब्त किए गए इनवॉइस दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी ने बिना किसी वैध अनुमति के विभिन्न अमान्य धान किस्मों के कुल 1,84,365 किलोग्राम (1.84 लाख किलो से अधिक) बीजों का व्यापार और विक्रय किया था। इनमें प्रमुख रूप से PAN 159 (82,263 किलोग्राम), PAN 5001 (32,610 किलोग्राम), और PAN 1001 (29,506 किलोग्राम) सहित कई अन्य किस्में बड़े पैमाने पर शामिल थीं।
निरीक्षण के बाद लाइसेंस में किस्में जोड़ने का किया गया था आवेदन
प्रशासनिक आदेश में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि जब निरीक्षण के दौरान पोल खुल गई, तो इसके ठीक बाद कंपनी ने आगामी 8 जुलाई 2026 को अपनी कुछ धान किस्मों को अपने लाइसेंस में जुड़वाने के लिए एक नया आवेदन प्रस्तुत किया। राज्य कृषि विभाग ने कंपनी के इस कदम को निरीक्षण में पकड़ी गई गंभीर अनियमितताओं के बाद खुद को बचाने का एक कमजोर प्रयास माना और स्पष्ट किया कि निरीक्षण के वक्त संबंधित किस्में कंपनी के मूल लाइसेंस में बिल्कुल शामिल नहीं थीं।
कारण बताओ नोटिस के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ कृषि विभाग
औचक निरीक्षण के पश्चात कंपनी को एक औपचारिक कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसके उत्तर में कंपनी ने अपना स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत किया था। परंतु कृषि विभाग ने मौके से प्राप्त दस्तावेजों, पंचनामा रिपोर्ट, फोटोग्राफ्स, बिक्री इनवॉइस और अन्य राजस्व अभिलेखों का बारीकी से परीक्षण करने के बाद यह पाया कि कंपनी ने बीज नियंत्रण कानूनों का उल्लंघन करते हुए बिना वैध अनुमति के बीजों का भंडारण, पैकेजिंग, वितरण और व्यावसायिक विक्रय किया है।
बीज नियंत्रण आदेश के तहत लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त
संचालनालय कृषि ने बीज (नियंत्रण) आदेश, 1983 के विभिन्न प्रावधानों का प्रत्यक्ष उल्लंघन मानते हुए मेसर्स पान सीड्स प्रा. लि., 69-ए, सतीन सेन पूर्वी रोड, कोलकाता को जारी किए गए राज्य स्तरीय बीज विक्रय लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह सख्त कार्रवाई बीज व्यापार के क्षेत्र में पारदर्शिता और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने तथा राज्य के मेहनतकश किसानों के हितों की पूर्ण रक्षा के उद्देश्य से की गई है।


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