साहस और सूझबूझ की मिसाल बनीं ACP मोनिका शुक्ला, चलती बस रोककर टाला बड़ा हादसा
भोपाल| मध्य प्रदेश के विभिन्न अंचलों से अपनी विभिन्न कृषि संबंधी माँगों को लेकर राजधानी भोपाल की ओर कूच करने वाले किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच चले गतिरोध का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस द्वारा तमाम प्रयास किए गए, परंतु इसके बावजूद किसान हर बाधा को पार करते हुए आगे बढ़ते रहे। वायरल हो रहे इस वीडियो में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ACP) मोनिका शुक्ला ने खुद सड़क पर एक मजबूत दीवार की तरह खड़े होकर अपने हाथों से किसानों की बस को रोक लिया, जबकि कुछ किसान उस बस को धक्का देकर आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे थे।
महिला पुलिस अधिकारी के साहस और जज्बे की हो रही है चर्चा
सोशल मीडिया पर यह वीडियो सामने आने के बाद लोग इस महिला पुलिस अधिकारी के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और ड्यूटी के प्रति समर्पण की मिसाल दे रहे हैं। यह वीडियो उस वक्त का है जब उग्र प्रदर्शन कर रहे किसान राज्य के मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने भारी बंदोबस्त किए थे। जब किसानों ने रास्ते में बैरिकेडिंग के रूप में लगाई गई बस को धक्का देकर हटाने की कोशिश की, तो एसीपी मोनिका शुक्ला ने पीछे हटने के बजाय उस बस के ठीक आगे डटकर खड़ी हो गईं और अपने हाथों के बल पर उसे रोक लिया।
किस बात को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे किसान?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान मूंग की फसल की सौ प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित करने और खाद वितरण व्यवस्था में 'ई-टोकन' प्रणाली को समाप्त करने जैसी प्रमुख माँगों को लेकर नर्मदापुरम जिले से पैदल मार्च करते हुए भोपाल पहुँचे थे। किसानों की लगातार बढ़ती संख्या और उग्र तेवर को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से बसों को आड़ी-तिरछी बैरिकेडिंग के रूप में लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया था, ताकि वे मुख्यमंत्री निवास तक न पहुँच सकें।
किसानों के इस अचानक हुए बड़े आंदोलन के कारण राजधानी भोपाल की यातायात (ट्रैफिक) व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई थी और कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया था। हालांकि, बाद में शासन-प्रशासन के साथ हुई चर्चा के दौरान सरकार ने किसानों की 60 प्रतिशत मूंग खरीदी समेत अन्य प्रमुख माँगों पर सहमति जता दी, जिसके बाद देर रात से ही अधिकांश किसानों ने अपने घरों की ओर वापसी शुरू कर दी। फिलहाल, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और शहर की यातायात व्यवस्था को दोबारा सुचारू रूप से सामान्य कर दिया गया है।


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