इंदौर। शहर के धोबीघाट पर सालों से लग रहा मोहर्रम का मेला इस बार निरस्त हो गया है। पिछले समय नगर निगम जमीन को लेकर कोर्ट में केस जीता चूका था। इसी के चलते कयास लगाए जा रहे थे की मेला आयोजित नहीं होगा। इधर स्थानीय रहवासियों सहित हिन्दूवादियों ने अनुमति लेने की सूचना लगते ही चेतावनी मैसेज जारी कर दिया था।

 

हिन्दूवादियों ने धोबीघाट पर लगने वाले मोहर्रम मेले को लेकर सोमवार सुबह सोशल मीडिया पर आंदोलन की चेतावनी भरा मैसेज जारी किया था। इस मैसेज के बाद से पुलिस का अमला अलर्ट पर था। मंगलवार शाम आरती का ऐलान था। और इसी दौरान मेले लगने का भी विरोध होना था। सूचना निगम को भी लग गई थी। जैसे ही हिन्दूवादी यहां पहुंचे तो मेले का सामान ठेकेदार द्वारा मैदान में लाया पाया गया। जिसके बाद हिन्दूवादियों ने कड़ा विरोध जताया। मौके पर स्तिथि नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस का भारी अमला तैनात था। तभी हिन्दूवादियों ने बताया की मेले की अनुमति निगम से चाही गई थी लेकिन फिलहाल हिन्दूवादियों के विरोध को देखते हुए अनुमति जारी नहीं की गई है। इसके बाद हिन्दूवादियों में खुशी की लहर है। इतना ही नहीं जानकारी है की मेला लगने के दौरान कई तरह की अप्रिय घटना का सामना स्थानीय रहवासियों को करना पड़ता है। इस दौरान मौके पर संजय भाटिया, धीरज यादव, सुमित हार्डिया, प्रवीण यादव सहित तमाम हिन्दूवादी मौजूद रहे।

 

झूला लगाने कमेटी ने वसूले 3,50,000/- नगदी 

 

धोबीघाट में मेला लगाने के लिए दिनांक 26 जून से 28 जून तक की अनुमति वक्फ क़र्बला मैदान इन्तेजामिया कमेटी, इंदौर ने मोहित पिता जगदीश चौहान को 3,50,000/- रुपए नगदी वसूल कर दे दी थी। मेला निरस्ती की सूचना के चलते झूला ठेकेदार मोहित चौहान ने जूनी इंदौर पुलिस को इसकी शिकायत की है। आरोप लगाया है की अनुमति नहीं होने के बावजूद लाखों रुपए वसूल कर कमेटी के लेटर पेड़ पर अनुमति दे दी गई। करीब 3,50,000/- नगदी सहित 5,10,000/- रुपए वापस दिलाए जाए।