इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में 2013 में हुए देवेंद्र उर्फ पिंटू हत्याकांड में करीब 12 साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार शर्मा ने मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ जेडी और सचिन कुशवाह उर्फ कबाड़ी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

 

वहीं, सबूतों के अभाव में बबलू ठाकुर उर्फ प्रेम, चंदन उइके और गोलू उर्फ आनंद को बरी कर दिया गया।

 

फोरेंसिक रिपोर्ट से साबित हुई आरोपी की भूमिका

 

कोर्ट ने माना कि जितेंद्र उर्फ जेडी ने अवैध पिस्टल से देवेंद्र उर्फ पिंटू की गोली मारकर हत्या की थी। जांच के दौरान बरामद पिस्टल और घटनास्थल से मिली गोली की फोरेंसिक जांच में भी पुष्टि हुई कि हत्या इसी हथियार से की गई थी। कोर्ट ने यह भी माना कि सचिन कुशवाह वारदात के समय जितेंद्र के साथ था और हत्या की साजिश में शामिल था।

 

दोनों दोषियों को उम्रकैद

 

कोर्ट ने जितेंद्र उर्फ जेडी को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आर्म्स एक्ट की धाराओं 25 और 27 के तहत भी अलग-अलग सजा दी गई। सचिन कुशवाह को हत्या की साजिश और हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। दोनों पर जुर्माना भी लगाया गया है।